आत्मा द्वारा गठित फुल उत्पादन समूह एवं पीएमकेएसवाई योजना के जागरूकता अभियान.

सीतामढी: उद्यान निदेशालय बिहार पटना के द्वारा किसानों के हित में उनके उत्थान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं जिसमें विभागीय योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभाग के द्वारा कई माध्यमों से प्रयास किया जा रहा है जिसमें प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का किसानों के बीच अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार हो इसके लिए विभाग के द्वारा सूक्ष्म सिंचाई जागरूकता रथ के साथ-साथ गीत संगीत , नुक्कड़ नाटक के माध्यम से योजनाओं का प्रचार प्रसार किया जा रहा है आज यह कार्यक्रम प्रखंड बथनाहा के भलुवाहा में आयोजित किया गया.

जिसमें मां दुर्गा सीता नाटक मंडली सराय के द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से किसानों को ड्रिप सिस्टम एवं स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली से होने वाले लाभ के बारे में किसानों को बताया जाए.सहायक निदेशक उद्यान श्री नीरज कुमार झा के द्वारा बताया गया कि इस तरह का कार्यक्रम से किसान बंधु ड्रिप सिंचाई से होने वाले लाभों के बारे में आसानी से समझ पाएंगे जिससे कि योजना की उपलब्धि में गति मिलेगी क्षेत्र भ्रमण के दौरान श्री आभांशु सी जैन संयुक्त निदेशक उद्यान श्री बिहार पटना के द्वारा भी इस कार्यक्रम का अवलोकन किया गया तत्पश्चात प्रखंड के बैरहा गांव में आत्मा द्वारा गठित बैरहा फूल उत्पादक समूह एवं फूल उत्पादक महिला समूह के द्वारा की जाने वाली फूलों की खेती का भ्रमण किया गया.

जिसमें समूह के सदस्यों को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना अंतर्गत ड्रिप एवं स्प्रिंकलर लगाने के लिए सुझाव दिया गया. साथ ही यह भी बताया गया कि समूह में इस योजना का लाभ लेने पर समुदायिक नलकूप निशुल्क है इसके लिए समूह से कम से कम 5 किसान भी 2:30 हेक्टेयर में लगाना चाहते हैं तो इस योजना का लाभ उनको दिया जाएगा. जोकि सब्जी एवं फूल की खेती में उत्पादन एवं गुणवत्ता बढ़ाने में काफी सार्थक सिद्ध होगा.

भ्रमण के दौरान प्रखंड तकनीकी प्रबंधक आरडी चौरसिया के द्वारा बताया गया कि फूल उत्पादन में लगे किसान एवं महिलाएं जोकि फूलों से माला बनाकर एवं अन्य सजावट सामग्री बनाकर अधिक मुनाफा कमा रहे और अब इनको फूल की बिक्री में कोई दिक्कत नहीं होती समूह में खेती कर अधिक उत्पादन होने को घर से ही इनका फूल मंडी तक चला जाता है यहां तक कि नेपाल से भी व्यापारी इनके गांव में आकर उनके उत्पाद को अच्छी कीमत में खरीद रहे हैं जिससे कि उनको धान गेहूं के अलावा फूल की खेती से अधिक मुनाफा हो रहा है धीरे धीरे देखते-देखते गांव के लगभग सभी किसान अब फूल की खेती में अपना हाथ आजमा रहे हैं.

आज के परिवेश में इस गांव को फूलों की खेती के नाम से जाना जाता है । मौके पर प्रखंड उद्यान पदाधिकारी सहित फूल उत्पादक किसान रामानंदी महतो, नंदलाल महतो, बेबी देवी, चंद्रकला देवी जयपाल महतो ,एवन समूह के सभी सदस्य मौजूद थे