किसानों की मांग अनसुनी होने पर होगा इलाका बंद आन्दोलन

रीगा : किसान आन्दोलन 1981 के शहादत दिवस 27 दिसम्बर को संघर्ष दिवस के रुप में मनाते हुए हजारों किसान-कामगारों ने शहीद सुरेन्द्र सिंह तथा रफीक आलम के स्मारक स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दिया. रीगा चीनी मिल वर्कर्स यूनियन कार्यालय से जूलूस के रुप में  चलकर किसान-कामगारों ने शहीद सुरेन्द्र रफीक अमर रहे,रीगा चीनी मिल चालू कराओ,सभी किसान-कामगारों के बकाये का भुगतान कराओ का नारा लगाते हुए रीगा चीनी मिल बाजार में आक्रोश पूर्ण प्रदर्शन किया.

जूलस चीनी मिल के समीप से एक किलोमीटर तक प्रदर्शन तथा नारेबाजी करते प्रखण्ड मुख्यालय पहुंच कर मुख्यमंत्री बिहार के नाम मांगपत्र सौंपा तथा संयुक्त किसान संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष पारसनाथ सिंह की अध्यक्षता में सभा किया. मौके पर डा.आनन्द किशोर ने कहा कि सरकारी उदासीनता से मिल बंद हुआ है समय रहते मिल मालिक पर कार्रवाई हुई होती तो मिलबंद नही होता अभी भी एनसीएलटी में पहलकर सरकार किसी सक्षम उद्यमी से मिल चालू करा सकती है.

सीएम के लिए एक उद्योग चालू कराना सामान्य बात है. आठ सूत्री मांग पत्र में रीगा चीनी मिल को शीघ्र चालू कराने हेतू एनसीएलटी में मजबूत पहल करने,किसानों कामगारों के सभी बकाये 125 करोड़ रु.का भुगतान कराने,केसीसीधारी किसानों को ‘नोड्यूज’ प्रमाण पत्र दिलाने,यूरिया की कालेबाजारी बंद कर आपूर्ति सुनिश्चित कराने,सभी चीनी मिलों द्वारा तौल कांटा खोलकर घोषित दर पर किसानों का गन्ना तौलकर चालान उपलब्ध कराने.

बाढ़,वर्षा प्रभावित सभी किसान मजदूरों को इनपुट फसलक्षति तथा बीमा का लाभ दिलाने, गांव-गांव से धान की खरीद तेज करने,प्रखण्ड तथा अंचल कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार को दूर करने,रीगा में किसानों पर खाद को लेकर दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांगे शामिल है. कहा गया कि एक पखवाड़े में सरकार मांगों पर ठोश पहल नही करती तो इलाका बंद आन्दोलन का ऐलान किया जायगा.

© सुमित कुमार | रीगा टीम