जैविक खेती और छोटे कृषि यंत्रों के उपयोग पर दिया जोर.

कृषि विभाग सीतामढ़ी के द्वारा 15 नवंबर से 5 दिसंबर तक रबी किसान चौपाल के माध्यम से किसानों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान करने हेतु व्यापक रणनीति तैयार की , जिसके अंतर्गत रीगा प्रखंड के सिरौली प्रथम पंचायत में किसान चौपाल का आयोजन पंचायत कृषि कार्यालय के प्रांगण में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से शुरू किया गया नुक्कड़ नाटक के माध्यम से पराली प्रबंधन मृदा स्वास्थ्य कार्ड जैविक खेती बागवानी से संबंधित योजनाएं कृषि यंत्रीकरण और जलवायु अनुकुल कृषि अपनाने पर विशेष जोर दिया गया .

श्री रजनीकांत उप परियोजना निदेशक आत्मा सीतामढ़ी के द्वारा बताया गया कि किसी भी बीज की बुवाई के पूर्व उसका उपचार करना नितांत आवश्यक है जैसे हम बच्चे को टीका लगवा ते हैं उसी तरह से यह बीजों का टीकाकरण है जो विभिन्न रोगों से बीज की रक्षा करता है ,इस कार्यक्रम में श्री राजीव धर द्विवेदी, प्रखण्ड तकनीकी प्रबंधक सह उद्यान पदाधिकारी रीगा द्वारा स्लोगन के माध्यम से बताया गया कि पराली नहीं जलाना है.

वह खेत का काला सोना है पराली जलाने से मित्र कीट भी मर जाते हैं जिसके कारण शत्रु कीटों की संख्या में वृद्धि हो जाती है इसलिए कहा जाता है कि जीव है तभी जीवन है इसका ध्यान रखना है जैसे केंचुआ है लेकिन पराली जलाने और कीटनाशकों के अधिक से अधिक प्रयोग करने से यह मिट्टी से गायब होने के अंतिम कगार पर पहुंच चुका है आप देखते होंगे खेतों में बहुत कम केंचुआ नजर आते हैं इसे किसानों का मित्र भी कहते हैं जिसके कारण हमारी मिट्टी भुरभुरी और उपजाऊ बन जाती है.

प्रायः देखा जाता है कि किसान बड़े यंत्रों को खरीदना पसंद करते हैं जो छोटे प्लॉट पर आसानी से घूम नहीं सकते लेकिन अब कृषि विभाग में बहुत सारे ऐसे छोटे-छोटे कृषि यंत्र आ गए हैं जो कि आसानी से आपके छोटे प्लॉट पर ही निराई, गुड़ाई, जुताई और मड़ाई इत्यादि का काम कर सकते हैं अतः आप सभी से अनुरोध है कि अपने खेतों का मिट्टी जांच कराने के उपरांत ही खाद का प्रयोग करें हमारे मिट्टी में कार्बनिक पदार्थों की मात्रा घटते जा रही है जिसके कारण जो सूक्ष्म जीव हैं वह भी कम होते जा रहे हैं आप सभी से अनुरोध है की पराली को खेत में ही मिलाए जिससे जीवो की संख्या बढ़ेगी जो अंततः आपको लाभ ही पहुंचाएंगे.

किसान चौपाल में श्री नन्द किशोर पासवान, प्रखंड कृषि पदाधिकारी रीगा,श्रीमति प्रियंवदा कुमारी,सहायक तकनीकी प्रबंधक, रीगा,श्री प्रसन्न कुमार चौधरी, कृषि समन्वयक, श्री अनिल कुमार वर्मा किसान सलाहकार एवं उस पंचायत के बहुत सारे प्रगतिशील किसानों ने उत्साह के साथ इस कार्यक्रम को नुक्कड़ नाटक के माध्यम से देखा और उसकी सराहा की.