झोलाछाप डॉक्टर, गांव के ओझा आदि से गर्भ समापन कराना अवैध और गैरकानूनी

सीतामढ़ी : जिले के परिहार प्रखंड सभागार में परिहार प्रखंड के मुखिया संघ की बैठक आयोजित की गई। जिसमें आईपास डेवलपमेंट फाउंडेशन की ट्रेनिंग एण्ड रिसर्च ऑफिसर सीता कुमारी देवी ने सुरक्षित गर्भ समापन, परिवार नियोजन एवं एमटीपी एक्ट के बारे चर्चा की।

विभिन्न पंचायतों से आये 20 मुखिया को सीता कुमारी देवी ने सुरक्षित गर्भसमापन और गर्भपात कानून के बारे में जानकारी दी। उन्होनें बताया कि 20 सप्ताह तक गर्भ समापन कराना वैध है। लेकिन 12 सप्ताह के अंदर एक प्रशिक्षित डॉक्टर एवं 12 सप्ताह के बाद एवं 20 सप्ताह के अंदर तक में दो प्रशिक्षित डॉक्टर की उपस्थिति में सदर सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त अस्पताल में प्रशिक्षित डॉक्टर की मौजूदगी में होनी चाहिये. अगर कोई महिला अपना गर्भ समापन कराना चाहती है तो एमटीपी एक्ट के तहत अपना गर्भ समापन करा सकती है.

समाज में जागरूकता लानी होगी..

सीता देवी ने बताया कि झोलाछाप डॉक्टर, गांव के ओझा आदि से गर्भ समापन कराना अवैध और गैरकानूनी है। इसे लेकर समाज में जागरूकता लानी होगी। इस पर सभी लोगों को प्रयास करने की जरूरत है 1971 में बने कानून को लेकर हालांकि कुछ शर्तें भी रखी गई हैं। इसे लेकर परिजनों को खास ध्यान देने की आवश्यकता है.

बिचौलिये के संपर्क में नहीं पड़ना चाहिए. समस्या होने पर पास के सरकारी अस्पताल से संपर्क करना चाहिए। सरकारी अस्पतालों में कानूनी तौर पर निःशुल्क गर्भपात की सुविधा उपलब्ध है। 12 सप्ताह तक एक प्रशिक्षित डॉक्टर और 13 से 20 सप्ताह के अंदर तक दो प्रशिक्षित डॉक्टर की मौजूदगी में सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त सरकारी अस्पताल में गर्भपात होनी चाहिए.