डीएम के निरीक्षण का सदर अस्पताल की व्यवस्था में नहीं दिख रहा है कोई असर

सीतामढ़ी : अगर आप इलाज के लिए सीतामढ़ी सदर अस्पताल में जा रहे हैं तो हो जाइए सावधान क्योंकि रात में डाक्टर साहब नहीं करते हैं इलाज, यहां कंपाउंडर भी डॉक्टर के आने के बाद ही करते हैं इलाज. अगर इसकी शिकायत डीएम से करेंगे तो 2 घंटे बाद इलाज हो सकता है.

यह हम नहीं सीतामढ़ी सदर अस्पताल की कुव्यवस्था कह रही है सदर अस्पताल में 24 घंटे इमरजेंसी सेवा का दवा पूरी तरह से खोखला नजर आ रहा है, यहां पर शाम होते ही सदर अस्पताल की व्यवस्था लचर हो जाती है. रात में इलाज की उम्मीद लेकर आने वाले मरीजों के हाथ यहां निराशा लगती है.

यहां कर्मी तो दूर की बात है डॉक्टर साहब ही गायब मिलते है. दरअसल रविवार की रात एक चौंकाने वाले मामले सामने आए है. सदर अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में देर रात एक मरीज बेड पर लेता छटपटा रहा था. एक युवक को सांप ने काट लिया था। परिजन उसे बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया.

जहां डॉक्टर साहब गायब थे और कंपाउंडर के द्वारा डॉक्टर के आने की बात कह कर मरीजों टाला जा रहा था. करीब 1 घंटे बीत जाने के बाद कोई नहीं सुना तो परिजन डीएम साहब को फोन लगाकर इसकी शिकायत की लेकिन डीएम से शिकायत करने के करीब 2 घंटे बाद एक डॉक्टर पहुंचे जिन्होंने मरीज का इलाज किया.

बताया गया की उनका ड्यूटी नहीं था। डीएम के फोन आने के बाद उन्हें आना पड़ा है. मरीज की पहचान रीगा थाना क्षेत्र के महेशिया गांव निवासी धर्मेंद्र कुमार के रूप में की गई. हालांकि इस संबंध में सिविल सर्जन से फोन पर बात करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा.