निबंधन नहीं कराने वाले कोचिंग संस्थानों पर होगी कार्रवाई

पटना : वाणिज्य कर विभाग द्वारा अवैध कोचिंग संस्थानों के विरुद्ध चलाया जा रहा है अभियान. बिहार में तकरीबन 9 हजार से अधिक कोचिंग संस्थान चल रहे हैं.

इन कोचिंग संस्थानों की मासिक कमाई लाखों में है लेकिन जीएसटी देने वाले कोचिंग संस्थानों की संख्या काफी कम है.

एक आकलन के अनुसार औसतन कोचिंग संस्थान में एक बार में 7 से 8 हजार छात्रों के नामांकन होते हैं अगर प्रत्येक छात्र चुने गए विषयों में संख्या के आधार पर 500-1000 रुपए भी भुगतान करता है तो कोचिंग संस्थान की फीस के रूप में प्रतिमाह 35 से 80 लाख रुपए के बीच संग्रह करते हैं.

दरअसल जीएसटी प्रावधान के अनुसार लगातार छह महीने तक मंथली रिटर्न दाखिल करने वाले संस्थान का निलंबन रद्द कर दिया जाता है.

लेकिन कोचिंग संस्थान एक बार निबंधन रद्द होने के बाद दोबारा निबंधन नहीं करवाते हैं जिसके बाद वाणिज्य विभाग द्वारा कोचिंग संस्थानों के विरुद्ध इस अभियान को चलाया जा रहा है.