नेपाली नागरिक की फर्जी बेटी बनकर 50 करोड़ की जमीन को अपने नाम कराने का मामला हुआ उजागर

बैरगनिया : नेपाली नागरिक की बैरगनिया स्थित करीब दस एकड़ जमीन को फर्जीवाड़ा के तहत एक भारतीय महिला द्वारा जमीन मालिक की फर्जी पुत्री बनकर अपने नाम पर जमाबंदी करा भू अर्जन विभाग से दो करोड़ से अधिक की राशि प्राप्त करने का मामला प्रकाश में आया है.

जिला राजद पंचायती राज प्रकोष्ठ के अध्यक्ष देवेंद्र कुमार सिन्हा ने बैरगनिया अंचलाधिकारी राजीव कुमार को आवेदन देकर इस फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया है. श्री सिन्हा ने लिखे अपने पत्र में कहा है कि नगर के आबकारी चौक निवासी स्व शंकर प्रसाद की पत्नी किरण देवी ने तत्कालीन अंचलाधिकारी अमित कुमार,अंचल निरीक्षक सह राजस्व कर्मचारी अभय कुमार झा व अन्य लोगों से तथाकथित सांठगांठ कर नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड-1 व 13 में अवस्थित रौतहट नेपाल के गौर शहर निवासी नेपाली नागरिक विश्व मोहन बहादुर जिनका बर्षो पूर्व निधन हो चुका है, उनके नाम की करीब एक हजार डिसमिल जमीन को उनकी एकलौती पुत्री बनकर अपने नाम करवाया है.

श्री सिन्हा ने आवेदन में उल्लेख किया है कि मृत विश्व मोहन बहादुर का स्थानीय नगर परिषद से मृत्यू प्रमाण-पत्र बनवाकर व गलत तरीके के बंशावली बनाने के साथ उनके खतियान के नकल निकालने में सम्बंधित कार्यालय के कर्मी से सांठगाठ कर नाम विश्व मोहन बहादुर को विश्व मोहन प्रसाद तथा पता-गौर नेपाल की जगह आबकारी चौक दर्ज करवा चुके फिर सीओ,राजस्व कर्मचारी के मेल-मिलाप से नेपाली नागरिक की जमीन की जमाबंदी अपने नाम करवाई है.

श्री सिन्हा ने यह भी उल्लेख किया है कि मामला उस समय उजागर हुआ जब भूस्वामी के परिजन द्वारा लगान भुगतान करने के वक्त जमाबंदी पंजी मे उक्त जमीन जिसका खाता संख्या 364-365 के विभिन्न खेसरा मे किरण देवी का ही नाम अंकित पाया. उल्लेखनीय है कि इंडो नेपाल सड़क में अधिग्रहित 40 डिसमिल जमीन का मुआवजा करीब 2 करोड़ रुपया भी भू अर्जन विभाग से किरण देवी को उनके बैंक खाते में प्राप्त हो गया है.

श्री सिन्हा ने नेपाली नागरिक का मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने वाली एजेंसी, फर्जी तरीके से उक्त भूमि अपने नाम कराने वाली किरण देवी एवं उनके सहयोगी सीओ,राजस्व कर्मचारी सहित संलग्न सभी दोषी लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के साथ भू-अर्जन विभाग से भुगतान की गई राशि की वसूली करने की मांग की है. बहरहाल सीओ राजीव कुमार इस फर्जीवाड़े पर क्या एक्शन लेते है यह अबतक पहेली बनी हुई है चूंकि उन्हें भी मैनेज करने का खेल शुरू हो चुका है.