पंचायत में बाल विवाह हुआ तो जाएगी मुखियई

बिहार : बाल विवाह और दहेज प्रथा को दूर करने के लिए पंचायती राज विभाग ने एक अहम फैसला किया है. बाल विवाह की सूचना मिलने पर उस पंचायत के मुखिया और वार्ड सदस्य की सदस्यता रद्द की जा सकती है.

विभाग ने पंचायत में बाल विवाह का मामला आने पर वार्ड सदस्य मुखिया को जिम्मेदार माना है ऐसे में निर्वाचित सदस्य होने के नाते उन्हें अपने कर्तव्यों का निर्माण नहीं करने के आरोप में मुखिया को पद से हटाने की कार्रवाई सरकार करेगी.

पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव कुमार सिंह ने सभी डीएम जिला परिषद के सभी कार्यपालक पदाधिकारी व जिला पंचायती राज पदाधिकारी को इस का निर्देश जारी किया है.

आपको बताते चलें कि बाल विवाह होने की संभावना की सूचना प्राप्त होते ही वार्ड सदस्य मुखिया संबंधित परिवार के घर पहुंचकर अभिभावक को समझाएंगे और ऐसा नहीं करने की सलाह देंगे.

नहीं मानने वाले परिवार पर स्थानीय थाना और बाल निषेध अधिकारी वीडियो व एसडीओ को तुरंत सूचना देने और विवाह रुकवाने में उनका सहयोग करने की बात कही गई है.