फुटपाथ पर नाश्ता बेचने वाले का लाल बना जिला टॉपर विज्ञान संकाय में लहराया परचम

सीतामढ़ी : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम 29 दिन बाद बुधवार को जारी कर दिया गया। कोरोना संकटकाल के कारण शिक्षण संस्थान बंद रहे और छात्रों की पढ़ाई बाधित रही। इसके बावजूद भी इस बार 81% छात्रों ने सफलता प्राप्त की है। कहा जाता है कि-सफलता किसी परिचय का मोहताज नहीं होती, यह उसी का हो जाता है जो इसे कड़ी मशक्कत से पाने की कोशिश करता है.

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा जारी इंटरमीडिएट परीक्षा में फुटपाथ पर नास्ता दुकान चलाने वाले बिंदेश्वर साह का पुत्र दीपक कुमार सीतामढ़ी जिला में प्रथम स्थान हासिल कर जिला को गौरवांवित किया है. दीपक ने बताया कि उनके पापा फुटपाथ पर एक छोटी सी दुकान लगाकर पुराया परिवार चलाते है और उसी से तिनका तिनका बचाकर दीपक को पढ़ाई का संसाधन उपलब्ध कराते हैं। पिता श्री शाह ने कहा कि शिक्षा जिसके पास हो वह दुनिया मे अपना एक अलग मकाम के साथ ही दूसरों को भी नई दिखला सकता है,यह वह धन है जिसे कोई चुरा नही सकता.

हमारे इस गरीबी को भी मिटाने में शिक्षा अहम भूमिका निभाएगा यह हमें विश्वास है,लेकिन सबसे अधिक खुशी इस बात की है कि पुत्र ने अपने जीवन मे बेहतर करने का प्रयास किया है. छात्र ने अपने सफलता का श्रेय अपने गुरुजनों को दिया है उन्होंने कहा कि शिक्षकों का बड़ा ही सहयोग है इस सफलता में उन्होंने ही मुझे मार्गदर्शन किया साथ ही साथ हमेशा सहयोग करते रहे है.

चंदन फिजिक्स के शिक्षक चंदन सर ने कहा कि दीपक शुरू से ही होनहार लड़का था पढ़ाई में बहुत ही अच्छा था, मेहनत करने से कभी कतरा आता नहीं था। आज दीपक के सफलता पर हम सभी शिक्षक गौरवान्वित है क्योंकि एक शिक्षक का सबसे बड़ा अवार्ड उसके छात्र का सफलता होता है और आज या अवसर हमें प्राप्त हुआ है.

चंदन फिजिक्स संस्थान के ही निक्की कुमारी जो फिजिक्स में 95 अंक प्राप्त कर संस्था का नाम रौशन किया है।सम्राट मैथेमेटिक्स के शिक्षक उदय सम्राट ने कहा की-जो छात्र अनुशासन में रह कर गुरु के द्वारा बताए गए मार्ग पर चलता है,और मेहनत को अपना साधन बना आगे बढ़ता है तब मंजिल उसके कदमो में झुक झाती है.

भौतकी में 95% अंक लाने वाली छात्रा निक्की कुमारी

फिजिक्स विषय में स्व नंदलाल महतो की पुत्री व किसान कॉलेज बड़ियारपुर की छात्रा निक्की ने सीतामढ़ी में प्रथम स्थान हासिल किया है,पिता को खो चुकी इस बेटी ने हौसला नही खोया और अब डॉक्टर बन समाज की सेवा करना चाहती है.