बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जन्म जयंती पर जन-जागरण पदयात्रा कार्यक्रम का आयोजन

सीतामढ़ी : संविधान निर्माता, सामाजिक न्याय के प्रणेता, देश के प्रथम कानून मंत्री भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जन्म जयंती पर सीतामढ़ी जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष मो. शम्स शाहनवाज के नेतृत्व में भीसा मुसहरी टोल में जन-जागरण पदयात्रा कार्यक्रम का आयोजन कर संविधान की रक्षा का संकल्प दिलाया गया।

इस अवसर पर बिहार युवा कांग्रेस के प्रवक्ता सह सीतामढ़ी जिलाध्यक्ष शम्स शाहनवाज ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर का लक्ष्य भारत को ना सिर्फ राजनीतिक रूप से स्वतंत्र करना था बल्कि एक मजबूत राष्ट्र के रूप में सदियों तक खड़े रहने के लिए उसे सामाजिक और आर्थिक रुप से भी समर्थ व सक्षम बनाना भी था। इसी लक्ष्य को लेकर उन्होंने अपनी पूरी जीवन यात्रा तय की और भारतीय संविधान में हर नागरिक के लिए समानता का अधिकार सुनिश्चित किया।

शम्स ने कहा कि डॉ. अंबेडकर धर्म और राष्ट्र के बीच के बारीक संतुलन को बख़ूबी समझते थे। उन्हें पता था कि धर्म का उफान असल में एक तरीके के जातीय अस्मिता को बल देता है, जिससे राष्ट्रीय अस्मिता खंडित होगी। इसलिए डॉ. अंबेडकर ने धर्म को राष्ट्रीय चेतना से संबद्ध करने की वकालत किया। अंबेडकर मानते थे कि कोई भी राष्ट्र तब तक मजबूत नहीं हो सकता जब तक कि वह सामाजिक रूप से एक ना हो। लेकिन मौजूदा दौर में अपने राजनीतिक स्वार्थ की प्राप्ति के लिए सत्ताधारी दल के नेता धर्म के नाम पर समाज को बांटने और नफरत फैलाने पर तुले हुए हैं, जो राष्ट्रीय एकता के लिए खतरनाक है।

जन-जागरण पदयात्रा में वरिष्ठ कांग्रेस नेता वीरेन्द्र कुशवाहा, समी आलम, वैदेही शरण यादव, राम इक़बाल राय, शिव शंकर मांझी, हरे राम मांझी, मुनीष मांझी, इंदरजीत मांझी, विजय पासवान, आनंद मांझी, संतोष मांझी, रेशमी देवी, निजामुद्दीन अंसारी, संजय सिंह, फूलो देवी, राजकली देवी, निर्मला देवी आदि मुख्य रूप से शामिल थे।