महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत सरकारी राशि के गबन का मामला प्रकाश में आया

रीगा : महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत रीगा प्रथम पंचायत के मझौरा गांव का सोशल ऑडिट कराया गया जिसमें मनरेगा योजना में पंचायत रोजगार सेवक उदय कुमार के द्वारा भयंकर घपला एवं सरकारी राशि के गबन का मामला प्रकाश में आया है. गांव के ही आनंद शेखर सिंह एवं अजीत प्रसाद सिंह ने सोशल ऑडिट में उपस्थित होकर आवेदन देकर बताया कि गांव के पोखर खुदाई में मुकुंद प्रसाद सिंह एवं रीना देवी ने कोई मजदूरी नहीं किया परंतु उक्त पोखर खुदाई में मुकुंद प्रसाद सिंह एवं रीना देवी के खाता एवं नाम का उपयोग करके दूसरे खाता संख्या पर राशि भेजी गई है जो फर्जीवाड़ा है.

इन लोगों का कहना है कि हमारे खाता का गलत एम एस करके राशि डाली गई है. इस कारण मुकुंद प्रसाद सिंह का वर्ष 2020 – 21 में स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास योजना में मिट्टी भराई के लिए स्वीकृत राशि लगभग ₹18 हजार से वंचित होना पड़ा हैं. उनके बैंक ऑफ इंडिया शाखा के खाता पर न डालकर दूसरे खाता पर डाला गया है. मामले का उजागर सोशल ऑडिट के दौरान हुई इस संदर्भ में एक आवेदन शिकायतकर्ता के परिजन द्वारा सोशल ऑडिट टीम को दी गई है.

मंगलवार कोई बिना शिकायतकर्ता को सूचना दिए सुनवाई का आयोजन किया गया. ऑडिट के दौरान दोषी को बचाने के उद्देश्य से यह आदेश दिया गया कि शिकायतकर्ता के खाते में अविलंब राशि भेज दी जाए. ज्ञात हो कि सरकारी राशि दूसरे के खाते में जाने के बाद बिना रिकवरी किए शिकायतकर्ता के खाते में भेजना असंभव है. यह गंभीर मामला है जिसके उच्च स्तरीय जांच की आवश्यकता है. पूछे जाने पर प्रखंड प्रोग्राम पदाधिकारी अश्विनी कुमार ने बताया कि शिकायतकर्ता का आवेदन मुझे नहीं मिला है. आवेदन मिलने के बाद जांचोपरांत उचित कार्रवाई की जाएगी.