रीगा स्वास्थ्य केंद्र की बड़ी लापरवाही, बंध्याकरण के बाद महिला गर्भवती

सीतामढ़ी : स्वास्थ विभाग की बड़ी लापरवाही रीगा स्वास्थ्य केंद्र से देखने को मिल रही है जहां एक तरफ रीगा स्वास्थ्य केंद्र अपने कारनामों के कारण अखबारों की सुर्खियां तो बटोरती ही रहती है लेकिन इस बार अजीबों-गरीब मामला प्रकाश में आया है.

ज्ञात हो कि सरकार जनसंख्या नियंत्रण को लेकर विभिन्न प्रकार के योजनाएं चला रही है,विभिन्न स्वास्थ्य केंद्र में व्यापक प्रचार प्रसार कर बंध्याकरण कैम्प का आयोजन किया जा रहा है, वही बंध्याकरण करवाने पर लोगो को प्रोत्साहन राशी भी सरकार द्वारा दी जा रही है लेकिन स्वास्थ्य कर्मी सरकार के योजनाओं को लग रहा है सफल नही होने देंगे,लोगो को लग रहा सरकारी अस्पताल से भरोसा ही उठ जायेगा.

आपको बता दे कि रीगा प्रखंड क्षेत्र के संग्राम फंदह गांव वार्ड नंबर 17 निवासी दिनेश पंडित ने जिला समाहर्ता को आवेदन देकर नसबंदी के बाद भी पत्नी के गर्भवती हो जाने के जांच की मांग की है. आवेदन में लिखा है कि पत्नी का बंध्याकरण 2021 के 21 जनवरी को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रिगा में कराया था मेरे पास 2 पुत्र अंशु कुमार, अंकित कुमार एवं दो पुत्री मधु कुमारी, श्रुति कुमारी पहले से है.

मेरी पत्नी विगत 6 माह से गर्भवती हो गई है उसका पालन पोषण कैसे होगा बंध्याकरण के बाद भी बच्चा होना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की घोर लापरवाही दर्शाती है. मेरी पत्नी काफी कमजोर हो चुकी है पहले से ही 4 बच्चा है अब पांचवा बच्चा  बंध्याकरण के बाद होगा इसका जवाब देह कौन है.

आवेदक दिनेश पंडित ने डीएम को आवेदन देकर गर्भ में पल रहे बच्चे के परवरिश करने में सहयोग करने की मांग की है। इस मामले की जानकारी के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी उदयभानु सिंह को फोन किया तो उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा.

रिर्पोट : सुमित कुमार | रीगा टीम