रेलवे क्षेत्र में अतिक्रमण से पदाधिकारी मालामाल,जनता बेहाल

बैरगनिया :  थाना क्षेत्र में मौजूद बैरगनिया रेलवे स्टेशन इन दिनों पूरी तरह से अतिक्रमणकारियों की गिरफ्त में कैद हो चुका है लगभग 4 से 5 महीने पहले सभी झोपड़ी वाले को नोटिस मिला था पर जितने पक्के मकान बने हुए है उसे कोई नोटिस नही मिला.

सरकार भी भेदभाव करती है नोटिस आने के बाद भी नही हटा था अतिक्रमण पर अतिक्रमणकारी उन अवैध झुग्गी झोपड़ियों व कुछ पक्के बने मकानों में विभिन्न प्रकार की नशीली वस्तुओं का ब्यापार करते है ऐसी चर्चा लगातार आए दिन आपको सुनने को मिल जाएगा. उससे होने वाली मोटी आमदनी का खास हिस्सा कुछ दलालो तक बिना मांगे पहुंच जाता है सूत्रों की माने तो इस अवैध कमाई का लाभ जीआरपी और आरपीएफ को भी नियत समय पर पहुंच जाता है यही वजह है कि बिना रोक टोक यहाँ के लोग तरह तरह के प्रतिबंद सामानों का भी बिक्री धरल्ले से कुछ दुकानदार करते है.

जिसका खामियाजा यहाँ के स्कूली छात्र,छात्राएं एवं आम नागरिकों को भी कभी कभी भुगतना पड़ता है कई बार तो शरीफ लोगों को नशेड़ियों और जुआरियों से उलझन भी पड़ता है समय रहते अगर प्रशाशन की नींद नहीं खुली तो किसी दिन कोई बड़ा हादसा भी यहाँ हो सकता है पर अब रेलवे प्रशासन नींद से जगी है.

सीतामढ़ी के एसडीओ सदर राकेश कुमार को जिम्मा सोपा गया है की जितना झोपड़िया है हटाया जाए पर गरीब जनता का कहना है कि जो पक्के मकान बना कर रेलवे में अतिक्रमण किए हुए है उसे नही तोड़ा जाता है हर बार सिर्फ गरीब की झोपड़िया ही सरकार को नजर आती है अमीरों के पक्के मकान नही टूटते है हर बार झोपड़िया टूट जाती है और कुछ महीनों में फिर कुछ पैसा दे कर झोपड़िया बन जाती है.

सूत्रों का कहना है कि जब पैसा बढ़ाना होता है तब झोपड़ियो को तोड़ा जाता है और कुछ दिन बाद फिर कैसे बन जाता है. बिना मोटी रकम दिए तो नही बनता है क्या सरकार सिर्फ गरीबो को दबाती है और अमीरों को ओर अमीर बनाती है.

रिपोर्ट : विनोद कुमार बैरगनिया | टीम