रेलवे मंत्रालय ने जनकपुर धाम को बताया मां जानकी की जन्मभूमि,विरोध पर ट्वीट किया डिलीट

सीतामढ़ी : आखिरकार जानकी पुत्रों के ट्विटर ट्रेंड के बाद रेलवे मंत्रालय ने ट्वीट किया डिलीट, जनकपुर को बताया था जानकी जन्मस्थली आइए जानते है पूरा मामला भारी फजीहत के बाद रेलवे मंत्रालय ने ट्वीट किया डिलीट.

श्री सीता जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष आलोक कुमार एव महामंत्री राजेश कुमार सुन्दरका द्वारा रेलवे मंत्रालय द्वारा जनकपुरधाम, नेपाल को मां जानकी की जन्मभूमि बताने के पुरजोर विरोध व रेल मंत्री को पत्र लिखने के बाद रेलवे मंत्रालय ने अपने ट्वीट को डिलीट किया और फेसबुक पोस्ट में सुधार किया.

रेल मंत्रालय ने श्री रामायण यात्रा ट्रेन के जनकपुरधाम, नेपाल पहुंचने का जिक्र करते हुए अपने ट्विटर पर लिखा था कि “मां जानकी की जन्मस्थली जनकपुर पहुंचने पर नेपालवासियों द्वारा श्री रामायण यात्रा ट्रेन का भव्य स्वागत किया गया।”

इस बात का विरोध करते हुए कहा कि मां जानकी की जन्मभूमि सीतामढ़ी, बिहार है न कि जनकपुरधाम और यह गलती बार बार दोहराई जाती है. रामायण सहित सभी महाग्रंथों में इसकी चर्चा है और अनेकानेक साधु, संतों व महापुरुषों ने समय समय पर अपनी वाणी से सीतामढ़ी का जिक्र किया है.

सुन्दरका ने कहा कि जब हम हिन्दुस्तानी ही अपनी विरासत और धरोहर को नहीं जान पाएंगे तो दूसरे लोग स्वाभाविक रूप से हम पर सन्देह करेंगे। यह बड़ी विडम्बना है कि तीर्थ यात्रा में निकली ट्रेन का नाम भी श्री रामायण यात्रा ट्रेन होते हुए भी मां जानकी की जन्मभूमि सीतामढ़ी इसका सीधा पड़ाव नहीं है.

जबकि रामायण के प्रथम दो प्रमुख स्थलों में अयोध्या और सीतामढ़ी का नाम आता है साथ ही रेलवे मंत्रालय का धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने जन्मभूमि वाले विषय पर तुरन्त संज्ञान लेकर ट्वीट को डिलीट किया.