विधायिका को कड़े निर्णय के लिए बाध्य नही करें अधिकारी : डॉ मिथिलेश

सीतामढ़ी : नगर विधायक डॉ मिथिलेश ने अधिकारी के संवेदनहीनता पर सवाल खड़ा करते हुए कहा आकांक्षी जिला घोषित होने के बाबजूद अधिकारी की संवेदनहीनता मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह को समीक्षा बैठक के प्रतिवेदन ने चकित कर दिया. ज्ञातव्य हो की समीक्षा बैठक से तीन दिन पहले ही हमने समाचार पत्र के माध्यम से अधिकारियों के कुंभकर्णी निद्रा का भान कराए थे. सरकार के राष्ट्रीय विकास के प्रवाह के किसी बाधा को बख्शा नही जायेगा.

जो अधिकारी लोकतंत्र को अपवित्र करने की मंशा रखते हो,सीतामढ़ी से बाहर अपना तबादला करा लें अन्यथा विधायिका आरक्षी अधीक्षक अथवा जिलाधिकारी को भी निरंकुश और जनविरोधी कार्यशैली को क्रियान्वित करते हुए सीतामढ़ी की धरती पर नहीं देख सकती है.

मानवीय भूल अथवा व्यस्तता की भी सीमा है जब भूलों के सहारे अतिरेक की प्रवृत्ति से अधिकारी आवृत्त हो जायेंगे तो समय और क्रम में सीतामढ़ी की धरती परिणामदायी उपाय अवश्य करती रहेगी. प्रजातंत्र के चौथे स्तंभ के जमीनी हकीकत को अधिकारी नजरंदाज करते हैं पर एकात्म मानववाद के अवधारणा वाली सरकार के मंत्री ने इसे गंभीरता से लेकर २ दिन में ही जिलावासी को एक राहत प्रदान करने का प्रयास किया है.

समस्त जिलावासी के ओर से त्वरित और परिणामदायी दिशा निर्देश के लिए मंत्री डॉ.जितेंद्र सिंह का आभार है।जिलावासी और जनप्रतिनिधि के हर संघर्ष में मैं चट्टान की तरह खड़ा दिखूंगा.