समाधान यात्रा को लेकर नीतीश को नसीहत, बिहार की सियासत में मची खलबली

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी समाधान यात्रा पर निकल चुके हैं. 29 जनवरी तक यह यात्रा चलेगी. नीतीश कुमार ने कड़ाके की ठंड में भी पूरे बिहार में यात्रा करने का निर्णय लिया है. अब ऐसे में उनकी इस यात्रा पर बिहार में बढ़ चढ़ कर सियासत हो रही है.

मुख्यमंत्री के इस यात्रा पर विरोधी दल बीजेपी के नेता हमलावर हैं. साथ ही तरह-तरह के सवाल भी खड़े कर रहे हैं. लेकिन इसी बीच वरिष्ठ राजद नेता और नीतीश कुमार के सहयोगी शिवानंद तिवारी ने सीएम को इस कंपकंपाती ठंड में यात्रा को स्थगित करने की नसीहत दे डाली है.

शिवानंद तिवारी ने अपने प्रेस नोट में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को नसीहत देते हुए कहा है कि, “अतिशय ठंड है. स्कूल वगैरह बंद कर दिए गए हैं और अस्पतालों में भी ठंड जनित बीमारियों से पीड़ित लोगों की आमद बढ़ गई है. ऐसे मौसम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी यात्रा शुरू कर दी है और इस यात्रा की शुरुआत चंपारण से हुई है, जहां राजधानी के इलाके से कहीं ज्यादा ठंड है. यूं तो कहने के लिए यात्रा मुख्यमंत्री की है, लेकिन मुख्यमंत्री जी के साथ सैकड़ों लोग इस यात्रा में जुड़े होंगे.

उसमें कुछ ऐसे लोग भी हो सकते हैं जिनकी बीमारी ठंड में बढ़ जाती है और ऐसे में उन लोगों का ठंड में खुले में निकलना बहुत जोखिम भरा है. अतः मैं एक वरीय सहयोगी के नाते मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सार्वजनिक हित में व्यक्तिगत रूप से इस यात्रा को स्थगित करने का अनुरोध करता हूं.

बता दें कि शिवानंद तिवारी के इस बयान के बाद इसके कई मतलब भी निकाले जा रहे है. जहां कुछ लोग इसे राजद और जदयू के बीच बढ़ रही तल्खी से इस मामले को जोड़कर देख रहे हैं तो वहीं कुछ लोग इसे ठंड में शिवानंद तिवारी के तरफ़ से इसे एक सामान्य अपील बता रहे हैं. हालांकि, शिवानंद तिवारी की नसीहत को मुख्य्मंत्री नीतीश कुमार कैसे लेते हैं अब यह देखना दिलचस्प होगा.

वहीं, जेडीयू सांसद सुनील कुमार पिंटू ने शिवानंद तिवारी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नीतीश कुमार के लिए बिहार की जनता ही उनका परिवार है. ऐसे में जनता की सेवा के लिए ये ठंड कुछ भी नहीं है. वे बस जनता की सेवा करते रहे हैं और ऐसे ही आगे भी करते रहेंगे, यही उनका उद्देश्य है.

रिपोर्ट : जूही सिंह| टीम