स्वामी विवेकानंद जयंती समारोह युवा दिवस के रूप में मनाया गया

मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के जिला संयोजक डॉ देवेश कुमार ने पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. डॉ कुमार ने कहा हमें अंतर्मन के ज्योत को जलाना चाहिए पिंड का दर्शन हृदय से करना चाहिए. पिंड से ब्रह्मांड का निर्माण होता है और उस पिंड का दर्शन प्रत्येक जीव को अवश्य करना चाहिए.

युवाओं के प्रेरणा स्रोत स्वामी विवेकानंद शिकागो धर्म सम्मेलन के माध्यम से भारतीय सभ्यता संस्कृति एवं सनातन धर्म से विश्व का अवगत कराए. जन चेतना समिति के अध्यक्ष आग्नेय कुमार ने कहा बचपन में नरेंद्र नाथ दत्त नाम का बालक  भारतीय सनातन संस्कृति का परिचय विश्व से कराया.

यह अद्भुत और आश्चर्यजनक बात है. स्वामी विवेकानंद ने कहा था भारत की तकदीर और तस्वीर को बदलने के लिए हमें सिर्फ सौ युवाओं की आवश्यकता है. रामकृष्ण परमहंस के नाम पर भारत और विश्व में संचालित हो रहे हैं जो धार्मिक जागरण और संस्कृति संरक्षण का कार्य करती है. मानवता की सेवा ही सच्ची सेवा है.

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक आयुष कुमार ने कहा स्वामी विवेकानंद युवाओं के आदर्श हैऔर सभी युवाओं को उनके द्वारा रचित पुस्तकों को पढ़कर प्रेरणा लेनी चाहिए. सीतामढ़ी के प्रसिद्ध विद्वान एवं चिंतक शशि रंजन कुमार ने कहा भारतीय आध्यात्मिक जगत में स्वामी विवेकानंद सर्वप्रियऔर सर्वस्पर्शी रहे. उनके द्वारा दिए गए ज्ञान और उनके द्वारा स्थापित रामकृष्ण मिशन आज भी युवाओं में शक्ति संचार करती है.

स्वामी विवेकानंद जयंती समारोह में संस्था के संस्थापक  पूर्व अध्यक्ष प्रोफ़ेसर जितेंद्र कुमार वर्मा ,संरक्षक  वेद प्रकाश ,उपाध्यक्ष राहुल शांडिल्य,सह सचिव रितुल झा, जानकी शक्ति महिला मंच अध्यक्ष नीरा गुप्ता ,सह सचिव पूनम शर्मा,निखिल कुमार ने विचार व्यक्त किए.